पार्वती के डीएनए का मिलान न होने पर कस्बा पहुंची जांच टीम।
अजय कुमार गुप्ता
👉 मथुरा पुलिस ने बस से रवाना होने के जुटाए साक्ष्य।
हमीरपुर। मथुरा एक्सप्रेसवे पर हुई बस दुर्घटना में मिले एक जले हुए शव की पहचान डीएनए जांच में भी नौरंगा निवासी पार्वती के रूप में नहीं हो सकी है। इसी क्रम में मथुरा से जांच टीम कस्बे पहुंचकर पार्वती के बस से जाने से जुड़े साक्ष्य इकट्ठा कर रही है।
गुरुवार 15 दिसंबर को पार्वती (42) अपने बेटे शनि (8) व बेटी प्राची (6) के साथ दिल्ली के लिए स्लीपर बस में सवार हुई थीं, जहां उनके पति गोविंद अहिरवार मजदूरी करते हैं। 16 दिसंबर की सुबह मथुरा बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 के पास बस में लगी आग ने सबको दहला दिया। पार्वती ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों बच्चों को बस से बाहर फेंककर बचा लिया, मगर स्वयं घटनास्थल पर नहीं मिलीं।
बस में जले शवों की हालत काफी खराब होने के कारण डीएनए जांच कराई गई, जिसमें एक शव पार्वती से मैच नहीं हुआ। जांच अधिकारी एसआई बलवीर सिंह ने बताया कि दो शव अभी भी मिसिंग श्रेणी में रखे गए हैं।
उन्होंने उरई नहर बाईपास बस स्टैंड की सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कोशिश की, पर फुटेज नहीं मिल सकी। पार्वती को बस तक पहुंचाने वाले रिक्शा चालक व उनके भांजे जयपाल से भी बयान दर्ज किए गए हैं।
पुलिस सुराग जुटाने में लगी है और परिवारजन उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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