नई कोट गांव की अंतिम ताजिया तेज बारिश में हुई प्रभावित

★                       गणेश प्रसाद द्विवेदी                       ★

फूलपुर। थाना अंतर्गत हल्का नंबर 3 की अंतिम ताजिया निकलते ही तेज बारिश से प्रभावित हुई तो देर शाम बारिश बंद होने के बाद कर्बला के लिए प्रस्थान की। अचानक आई तेज हवा व बरसात के कारण जहां मेले में भगदड़ मच गई वहीं खिलौने वाले दुकानदारों के काफी सामान खराब हुए और कुछ बह गए। स्वर्गीय मोहम्मद खां, बुद्धन खां एवं यासीन खान की तीन ताजिया अपने-अपने चौक से उठाकर गांवों में गस्त के बाद सूर्यास्त के समय कर्बला जाती हैं। परंतु बरसात से ताजिया तथा मेला भी प्रभावित हुआ। मुस्लिम बाहुल्य नई कोट में आधा दर्जन ताजिया निकलती है। यहां ग्यारहवीं मोहर्रम का ताजिया निकालकर इमाम को नजराना पेश किया जाता है। नौहा मनकबत तथा मातम के साथ ताजिया का जुलूस गांव में घुमा कर तब कर्बला ले जाई जाती है। जहां ताजिये के फूल दफनाए जाते हैं। हजरत इमाम हुसैन अपने बहत्तर साथियों के साथ दीन इस्लाम शरीयत को बचाने के लिए अपनी तथा अपने कुम्बे की कुर्बानी दे देते हैं। परंतु यजीद की बैय्यत ना मानी और शहादत कुबूल कर ली। यजीदी फौजो ने इमाम का सिर काटकर हुसैनी घराने वालों के साथ यजीद के दरबार में पेश किया।


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