बहादुरपुर- वोट बैलेंस में दिया जा रहा अपात्रों को आवास

 

अधिकारी, कर्मचारी के साथ ग्राम प्रधान भी हो रहे हैं मालामाल  क्रासर 

जन सूचना अधिकार के तहत नहीं देते मामले की सूचना    क्रासर

हनुमानगंज. विकास खण्ड बहादुरपुर में गाँव की गरीब जनता के लिये आने वाले आवास वोट बैलेंस के लिये अपात्रों को वितरित किये जा रहे हैं जिसमें अधिकारी कर्मचारी के साथ ग्राम प्रधान भी माला माल हो रहे हैं. प्रकरण में गाँव का कोई भी व्यक्ति यदि जन सूचना से जानकारी लेना चाहता है तो उसे भी कोई जानकारी नहीं देते हैं।


      विकास खण्ड बहादुरपुर के कोटवा, पालीकरनपुर, लीलापुर खुर्द, ककरा उपरहार,दुबावल उपरहार, रमईपुर,लीलापुर कला सहित दर्जनों गांवों में गरीबों को दिया जाने वाले आवास पर इस तरह मानक के विपरीत दिया जा रहा हैं कि यह आवास वोट बैलेंस को संतुलित करने तक सीमित रह गया हैं शासन द्वारा उक्त योजना के लाभ के लिये भले ही आवास विहीन लोगों के लिये बनायी गयी हैं किन्तु आलम यह हैं कि पक्के मकान वाले, चार पहिया वाहन व वीघों खेत के मालिकों को इस योजना का भरपूर लाभ दिया जा रहा हैं उक्त विकास खण्ड के लीलापुर कला गाँव में पिछली पंचवर्षीय योजनाओं में जो आवास स्वीकृत हुये थे उनका निर्माण जमीन पर नहीं हुआ बल्कि लाभार्थियों ने उन आवासों को प्रथम तल पर बनाना प्रारंभ किया. जानकारी होने पर जब मामला सुर्खियों में आया तो अधिकारियों ने अपना पल्ला झाड़ते हुये लाभार्थियों से वसूली करा ली किन्तु उन कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई जिन्होंने उन अपात्रों का चयन करके नाम भेजा था वर्तमान पंचवर्षीय योजनाओं में भी कोई सुधार नही हुआ आज भी ब्लॉक उक्त गावों में आवास का लाभ उन्ही को दिया गया हैं जिनके पास पहले से मकान है जिनके पास गाड़ी, कृषि भूमि आदि हैं उन्हें भी इस योजना का पात्र बना दिया हैं पालीकरनपुर में ग्राम प्रधान एक ही विरादरी के लोगों को लाभान्वित करने का काम किया हैं जिनके पास खेत व गाड़ी तथा मकान पहले से हैं ककरा उपरहार में भी कुछ आवास मानक के विपरीत लोगों दी गयी हैं लीलापुर खुर्द और रमईपुर में भी ऐसे लोगों को ग्राम प्रधान लाभ पहुंचा का काम कर रहा हैं जिसके बदले में मोटी रकम वसूल किया हैं ग्राम पंचायत जमुनीपुर में पिछले पंचवर्षीय योजनाओं में किये गये कार्यों और उसमें खर्च धनराशि का व्योरा गाँव के ही अधिवक्ता राधेश्याम द्विवेदी ने जन सूचना के तहत मांगा था जिसमें आयोग ने सूचना न देने के कारण तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को दण्डित करते हुये उनके वेतन से कटौती करने का निर्देश भी दिया गया उसके बाद भी सूचना नहीं दी गयी इस प्रकार ब्लॉक के अधिकारी व कर्मचारी अपनी जेबें भरने के लिये गलत लोगों का पूरा सहयोग करते हैं गाँव के लोगों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि एक आवास के पीछे प्रधान द्वारा बीस से तीस हजार रुपये की सुविधा शुल्क लेकर आवास दिया गया हैं।

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