भांग की दुकानों के आड़ में बेचा जाता है अवैध मादक पदार्थ
राजा अवस्थी / फतेहपुर
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक फैला है गांजा चरस के अवैध कारोबार का संजाल
विभाग से है मिली भगत या फिर चढ़ता है चढ़ावा, आखिर जिम्मेदार विभाग क्यों है मौन ?
योगी सरकार में माफियाओं को कौन दे रहा संरक्षण ? आखिर क्यों चुप हैं जिम्मेदार ?
फतेहपुर की युवा पीढ़ी को कौन सुलाना चाहता है नशे के आगोश में ? जनता के हैं ढेरों यक्ष प्रश्न कौन देगा इसका जवाब ?
फतेहपुर, वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश का फतेहपुर जिला नशे के व्यापार का हब बनता जा रहा है परंतु जिम्मेदार पूरी तरीके से क्यों मौन हैं ये एक यक्ष प्रश्न है कौन देगा इसका जवाब ?जनपद में लगभग हर तहसील में गांजा माफियाओं का कारोबार काफी तेजी के साथ फल फूल रहा है आखिर इन माफियाओं को संरक्षण कौन देता है ? क्या जिम्मेदारों को इस अवैध धंधे की जानकारी नहीं है यदि है तो वह मौन क्यों है क्यों बर्बाद कर रहे हैं युवा पीढ़ी की जिंदगी। प्रदेश के तेज तर्रार बुलडोजर बाबा का भय इन माफिया को क्यों नहीं है ? क्यों बिना किसी भय के कायम है इनका सम्राज्य। सूत्रों के अनुसार शासन द्वारा आवंटित किए गए भांग के ठेकों पर निर्बाध रूप से चरस गांजा और अफीम के पुड़िया की बिक्री हो रही है पुलिस और आबकारी विभाग या तो इस जरायम पेशे से अनजान है या फिर सेटिंग गेटिंग के तहत हो रहा है नशे का व्यापार ?
अब देखना यह है कि नशे के इस अवैध व्यापार पर प्रदेश के तेज तर्रार मुख्यमंत्री और जिले के ईमानदार कहे जाने वाले अधिकारियों का ध्यान कब जाता है और कब इस अवैध व्यापार पर नकेल कसी जाती है।

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