पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती मनाई गयी
अजय कुमार गुप्ता
हमीरपुर, नगर के स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज हमीरपुर में आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती मनाई गयी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रामप्रकाश गुप्ता ने बालते हुए कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान गाॅव में हुआ था। इनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था। जो नगला चन्द्रभान (फरह, मथुरा) के निवासी थे तथा उनके माता का नाम रामप्यारी था। जो धार्मिक प्रवृत्ति की थी। इनके पिता रेलवे मे जलेसर रोड स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर थे। इनकी मृत्यु 11 फरवरी 1968 में हुई। ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिन्तक और संगठनकर्ता थे। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य रमेश शुक्ला ने बोलते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सन् 1942 में संघ के प्रचारक बने तथा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से प्रचारक के कार्य का दायित्व देखने लगे। जिस समय संघ में प्रतिबन्ध लगा तो वे उस समय उत्तर प्रदेश के सह प्रान्त प्रचारक थे। उन्होने महात्मा गाॅधी के अन्त्योदय कार्यक्रम को आगे बढ़ाया तथा इनके अन्दर समन्वय सम्रगता का दृष्टिकोण था। तथा ये एक दार्शनिक समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री एवं राजनीतिज्ञ थे। इनके द्वारा प्रस्तुत दर्शन को एकात्म मानववाद कहा जाता है। जिसका उद्देश्य एक ऐसा स्वदेशी सामाजिक - आर्थिक माडल प्रस्तुत करना था। जिसमे विकास के केन्द्र मे मानव हो। कार्यक्रम का संचालन संगीताचार्य ज्ञानेश जड़िया ने किया तथा आभार ज्ञापन कार्यक्रम प्रमुख एवं विद्यालय के मीडिया प्रभारी आचार्य वेदप्रकाश शुक्ल ने किया। अन्त मे कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी आचार्य वेदप्रकाश शुक्ला ने दिया।

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