आर पार की लड़ाई में परिवार भी शामिल
गणेश द्विवेदी
झूंसी -प्रयागराज। क्षेत्रीय कार्यालय में पांचवे दिन भी भूख हड़ताल जारी रहा। महानगरी डीजल बसों का संचालन बंद कर देने के बाद तकरीबन 500 संविदा कर्मियों को काम से बाहर का रास्ता दिखा रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से नाराज संविदा कर्मी सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के झूसी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में अपने रोजी-रोटी पर संकट आ जाने से संविदा कर्मियों अपने परिवार को भी साथ में लेकर पांचवे दिन अनशन पर बैठ गए। बता दें कि सिविल लाइन से प्रतापपुर को जाने वाली महानगरी डीजल बसों सहित तमाम मार्गो पर चलने वाली बसों का संचालन 15 फरवरी से ही बंद किया गया। डीजल बसों का संचालन बंद कर दिए जाने के बाद अब सड़क पर मात्र इलेक्ट्रॉनिक बस ही चल रही हैं। सौ से अधिक बसों को वर्कशॉप में खड़ा करवाया गया। जहां रोजी-रोटी में संकट आ जाने से नाराज संविदा कर्मी भूख हड़ताल पर बैठ गए। बता दें कि सिविल लाइन से प्रतापपुर सहित विभिन्न मार्गों पर चलने वाली महानगरी बसों का परिवहन विभाग द्वारा फिटनेस न दिए जाने के कारण इन बसों का संचालन बंद कर दिया गया। जिसका सीधा असर कर्मचारी एवं दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें सेवा पर वापस लिया जाए जब तक नई बसे नहीं आ जाती व पुरानी बसों का फिटनेस नहीं हो जाता उन्हें अमान्य आयोजित किया जाए आक्रोशित कर्मचारियों ने बताया कि वह लोग पिछले 5 दिनों से अनशन पर बैठे हैं लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने मौके पर आकर उनकी समस्याओं को जानने की जरूरत नहीं समझी। बीते 5 दिनों में अनशन पर बैठे लगभग आधा दर्जन कर्मचारियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजना पड़ा। भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि पांचवें दिन अपने परिवार को साथ में लेकर अनशन पर बैठे हैं। अगर मरना ही है तो हम अपने पूरे परिवार के साथ मे न मर जाएं। कहां की मांग पूरी न होने के कारण आंदोलन जारी रहेगा। अनशन पर उपस्थित संघ के महामंत्री संजय सिंह यादव शाखा उपाध्यक्ष चीमान्य पांडेय अमिकेश जयसवाल कोषाध्यक्ष अंकित श्रीवास्तव अजय गौतम श्याम कुमार नागेंद्र कुमार उपाध्याय शुभम कुमार संदीप सिंह संतोष शर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारीयों ने मांगो की लेकर धरने पर बैठे रहे।

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